अलसी के बीज का उपयोग खान-पान में मेसोपोटामिया सभ्यता काल से हो रहा है. भारत में भी यह आयुर्वेदिक उपचारों, भोज्य पदार्थ बनाने में प्रयुक्त होता रहा है। विज्ञान की नई खोजों से पता चला है कि अलसी कई प्रकार के रोगों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है। दुनिया के अनेक देशों में अलसी (Flaxseed) लोकप्रिय और स्वास्थ्यप्रद आहार के रूप मे जाना जाता है। अलसी के बीज में आयरन, जिंक, पोटैशियम, फोस्फोरस, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन ई, कैरोटीन तत्व पाए जाते हैं।

अलसी लेने के तरीके और फायदे:

  • खूनी दस्त और और मूत्र संबंधी रोग: अलसी के बीज लें और 1/3 भाग मुलेठी का चूर्ण मिलाकर गरम पानी में उबालकर काढ़ा बना लें।

खुराक: दिन में दो बार काढ़ा लें।

  • सेक्स संबन्धी: समस्याओं के अन्य सभी उपचारों से सर्वश्रेष्ठ और सुरक्षित है अलसी। गर्मियों में इसका सेवन थोड़ा कम करना चाहिए और पानी अधिक पीना चाहिए। नहीं तो गर्मी की वजह से घमोरियां वगैरह हो सकती हैं।

खुराक: बस 30 ग्राम रोजाना।

  • मेनोपॉज़ की समस्या: महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाली समस्याओं में भी अलसी के उपयोग से राहत मिलती है. यह देखा गया है कि माइल्ड मेनोपॉज़ की समस्या में रोजाना लगभग 40 ग्राम पिसी हुई अलसी खाने से वही लाभ प्राप्त होते हैं जो हार्मोन थैरेपी से मिलते हैं।

खुराक: बस 40 ग्राम रोजाना।

  • डायबिटीज: के रोगी को अलसी मिक्सी के ड्राई ग्राइंडर में पीसकर आटे में मिलाकर रोटी, पराँठा आदि बनाकर खाना चाहिये।

खुराक: 30 – 60 ग्राम अलसी सुबह शामl

  • गले व श्वास नली की समस्या: अलसी के बीजों का मिक्सी में बनाया गया दरदरा चूर्ण 15 ग्राम, मुलेठी 5 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, और आधे नींबू के रस को 300 ग्राम पानी में डालकर उबलें और बर्तन को ढक दें। तीन घंटे बाद छानकर पीएं। इससे गले व श्वास नली का कफ पिघल कर जल्दी बाहर निकल जाता हैं और मूत्र भी खुलकर आने लगता हैं।

खुराक: दिन में दो बार काढ़ा लें।

  • कोलेस्ट्रॉल: अलसी को कढ़ाई में भून कर (अलसी रोस्ट करते समय चट चट की आवाज करती है) मिक्सी में दरदरी पीस लें। ये कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और चर्बी को जलाता हैं।

खुराक: भोजन के बाद सौंफ की तरह खाये।

  • खाँसी, सर्दी, जुकाम: होने पर अलसी की चाय पीएं। पानी को उबालकर उसमें अलसी पाउडर मिलाकर चाय तैयार करें।एक चम्मच अलसी पावडर को दो कप (360 मिलीलीटर) पानी में तब तक धीमी आँच पर पकाएँ जब तक यह पानी एक कप न रह जाए। थोड़ा ठंडा होने पर शहद, गुड़ या शकर मिलाकर पीएँ।

खुराक: चाय दिन में दो-तीन बार सेवन करे।

  • दमा: दमा रोगी एक चम्मच अलसी का पाउडर आधे गिलास पानी में 12 घंटे तक भिगो दे। गिलास काँच या चाँदी को होना चाहिए।

खुराक: सुबह-शाम छानकर सेवन करे।

  • कमजोरी व बच्चों के स्वास्थ्य: समान मात्रा में अलसी पाउडर, शहद, खोपराचूरा, मिल्क पाउडर व सूखे मेवे मिलाकर नील मधु तैयार करें।

खुराक: 1 चम्मच सुबह-शाम दे।

  • स्वस्थ व्यक्ति को रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच अलसी का पाउडर पानी के साथ ,सब्जी, दाल या सलाद में मिलाकर लेना चाहिए । क्युकि वह पाचन क्रिया को सही रखता है और शरीर में से विषैले तत्वों को भार निकलता हैं।

निष्कर्ष:

खरीदने में आसान और लेना भी आसान अलसी (flaxseeds) आपके स्वास्थ्य के लिए एक असली वरदान हो सकता है। इससे तुरंत अपने आहार में शामिल करें।

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